'The Abode',as the dictionary says is a housing that someone is living in, your residence. I tend to question my childhood dream of an Abode-my small and happy world. "Do i really want a residence where my travel would cease and i would get settled?" "Does such an abode actually exist?" "IF MY JOURNEY DEPRIVES ME OF 'MY ABODE', I HAVE NO REGRETS!!"
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Saturday, June 6, 2015
Friday, August 27, 2010
खुदाई.

झूठ कहना उतना ही मुश्किल, जितना सच बता देना।
खुद को खुद से जुदा, न होने देना है।
खुद को खुद का खुदा, आज कर देना है।
खुद को चाहत सिखा देना, नहीं है खुदगर्जी।
खुद को खुद से मिला देना, खुदा की है मर्ज़ी।
खुद से खफा रहना, खुदा को खोना है।
खुद को खुद से जुदा, न होने देना है।
खुद को खुद का खुदा, आज कर देना है...
आज कर देना है...
Monday, August 16, 2010
लफ्ज़.
जो लफ्ज़ ह्रदय में सांसें लें; पर बाहर नहीं आ पातें हैं।
जब लफ्ज़ वही अनजाने- ही; मुझसे आकर टकरातें हैं।
तो लफ्ज़ अमर हो जातें हैं।
है लफ़्ज़ों का संगीत सुना; दिल की खामोशी को छूकर।
जब यूँ सबकुछ कह जातें हैं; ये लफ्ज़ अचानक चुप होकर।
इन्हें मन में समा तुम लेते हो;
तो ये नगमा बन जातें हैं।
और लफ्ज़ अमर हो जातें हैं।
और लफ्ज़ भी टूटें हैं पल- पल; होकर हताश खुद को खो कर।
और लफ्ज़ झुकें हैं; हारें हैं; रब के आगे फिर चुप होकर।
जो तुम इनको मिल जाते हो;
तो लफ्ज़ दुआ बन जातें हैं।
और लफ्ज़ अमर हो जातें हैं।
और लफ्ज़ भी तडपे हैं पल- पल; परतों- से इस दिल में जमकर।
जमें इन लफ़्ज़ों के पर्वत को; कोई आंच न पिघला पायी पर।
जो तुम इनको छू लेते हो;
तो ये गंगा बन जातें हैं।
और लफ्ज़ अमर हो जातें हैं।
जब लफ्ज़ कहें 'अब लड़ना है', 'अब आग पर हंसकर चलना है.'
तेरी जन्म भूमि, तेरी कर्मभूमि; तुझको बहुत कुछ बदलना है...
जो तुम इनको बन 'कृष्ण' मिलो;
तो ये गीता बन जातें हैं।
और लफ्ज़ अमर हो जातें हैं।
