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Wednesday, June 8, 2016

Let me.

I know the darkness between these spaces
I am light.
Will you let me reach you then?
For I'm going to rain tonight.
....तू उलझा है जब जब
तू टूटा है जब जब
इन हौंसलों  सा;
जमा है नमी सा
रहा है  कमी सा

तू जुड़ जाएगा फिर
कहानी-सा इक दिन
तू मिल जाएगा फिर
रास्तों में किसी दिन.


तू इन धमनियों में,
धधकता हुआ -सा
अरमान बनके,
तू जाना-सा कोई
अनजान  बनके ,
मिल जाएगा फिर
रास्तों में किसी दिन.

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